शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता 2023 | Awareness on Physical Mental Health

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शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता को समझें | Understand Awareness on Physical Mental Health:

जब आप किसी को शारीरिक स्वास्थ्य समझते हैं तो मानसिक स्वास्थ्य किसी को भी समझ में नहीं आता है जब भी आपको पैर दर्द होता है या सर में दर्द होता है बुखार हो सर में दर्द हो या सर्दी जुखाम तो आप डॉक्टर के पास जाते हैं हां फिर रास्ते में जाते समय किस का एक्सीडेंट हो जाए सर फट जाएगा तो अप्पको इमरजेंसी में लेकर जाया जाता है हड्डी टूट गई हो तो हड्डी वाले डॉक्टर के पास जाने को कोई दिक्कत नहीं होती या कोई डर नहीं होता| शारीरिक मानसिक

शारीरिक मानसिक डॉक्टर का सलाह (Psychologist):

जिसके लिए उन्हें डॉक्टर के पास जाने में शर्म महसूस नहीं होती है अच्छे से न खाता है न पीता है तो उसके घरवालों से बोलते तुम ऐसे क्यों रहते हो खुश रहा करो घरवाले को ये इसका मतलब इसका ये हुआ की ज्यादा तर लोगो को ये समझ में नही आता है कि उसका 10 दिन से उदास रहना आम बात नही है । बल्कि एक बीमारी है और उसे भी डॉक्टर के पास जाना जरूरी है और उसका डॉक्टर का नाम साइकास्ट्रिस्ट है

मनोचिकित्सक अब जिन लोगों को या उनके परिवार को समझ में आ जाए या कोई मशवरे दे दे कि ये डिप्रेशन का शिकार हो सकता है एक मनोचिकित्सक की जरूरत है मनोचिकित्सक का नाम सुनते ही उनके शक्ल पर 12 बजे जाता है सीधे से बोल देते हैं हमारा बेटा कोई पागल नहीं है जो पागल के डॉक्टर के पास जाए या अगर कोई मनोचिकित्सक के पास जाए या उसके क्लिनिक से बाहर आता हुआ दिख जाए तो उसके खुद के रिश्तेदार ही बोला शुरू कर दें कि इसको पागलों के डॉक्टर के पास से आता देखा मैंने शायद कुछ दिमागी मसाला दूर रहा करो।

या इस तरह से शुरू हो जाता है पेशेंट के साथ में तो ये है हमारा सोशल स्टडीमा और हमारे समाज की सोच लेकिन ये सोच तो गलत है ये सोच तो गलत है ना यूएसए में यूके में अगर किसी को भी डिप्रेशन की चिंता ज्यादा सोचने की वजह से बेचैनी हो जाए सोचने की वजह से बेचैनी या कोई या दिमागी परेशानियाँ हो जाए तो वहा पर मनोचिकित्सक के पास जाते हैं या आराम से इलाज करा कर या आराम से जिंदगी जीते हैं।

या वहां पर कोई सामाजिक बहिष्कार नहीं है वहा इस तरह की उनकी समाज हमसे है ज्यादा सुलैज या शिक्षित ऊ अच्छे से समझते हैं कि मानसिक बीमारी होती है और उसका सही वक्त प्रति इलाज कराना कितना जरूरी है, एक सरल सा तर्क है कि अगर हम दिमागी तोर से सुकुन में नहीं हैं तो क्या कोई भी अच्छे से काम कर सकता है।

हमें मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करने की ज़रूरत है:

एक 18 साल का लड़का दो दिनों से अच्छे से ना खा रहा है ना पी रहा है और वह किसी से भी बात नहीं कर रहा है और अकेला अकेला रहता है अपने घर में उसकी मम्मी आती है और उसे कहती है कि बेटा ऐसे उदास क्यों रहते हैं हो जिंदगी में सब कुछ ठीक हो जाता है खुश रहो खुश रहो 2 दिन से 5 दिन हो गया 5 दिन से 10 दिन और फिर 10 दिन से 2 हफ्ते हो गया लेकिन उसकी हालत अभी भी बिल्कुल बिल्कुल उसकी हालत अभी भी बिल्कुल नरसी के वा इसी हाय बिल्कुल खामोश और किसी से बात करता है अच्छे से ना खाता है ना पिता है सोने में बेचैन है या तो बिल्कुल भी नहीं सोता या कभी-कभी 16, 17 घंटे तो जाता है।

आज से पहले के मौका फिर हैंडसम देखने वाला बड़े बड़े सपना देखने वाला लड़का हुआ करता था लेकिन अब वह बिल्कुल भी अपने आप को मेनटेन नहीं करता है सपने की बात नहीं करता और खुशी का एहसास ही नहीं करता और गम का उनका दादाजी आंखें कहते हैं कि बेटा क्या हो गया है ऐसी स्थिति बना कर रखा है तूने खुश रहा कर और एक काम कर सुबह-सुबह एक्सरसाइज किया कर सब के हवा में बहुत ताकत होती है सब ठीक हो जाता है आपको बताते हैं चलो पिछले 2 हफ्ते से कोई उदास है उसका सिचुएशन बिल्कुल भी खराब है खराब है एक सामान्य इंसान के साथ ऐसा तो नहीं होता है।

क्या शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य पर होगा:

आप मुझे यह बताएं कि अगर किसी को बुखार आ जाए तो क्या इलाज करने के लिए यह मशवरा काफी होगा कि खुश रहा करो सुबह में व्यायाम कर लिया करो सुबह के हवा में बहुत परेशानी होती है ऊ आपकी बीमारी को उड़ा कर लेकर चली जाएगी तू ठीक हो जाएगा भाई उसे बुखार का कोई तो करना होगा एलर्जी वायरस या बैक्टीरिया का इंफेक्शन या वजह में दवा की जरूरत होगी अपने ऐप तो ठीक नहीं होगा ना उसी तरह से पिछले दो हफ्ते से उसके उदासी का कुछ तो वजह होगी ना और उसे वजह को ठीक करने के लिए दावा की जरूरत पड़ेगी, मैं आपको जो 18 साल के लड़के के बारे में बताता हूं, फैलाव का मामला है,

उसे कुछ तो हुआ होगा ना ब्रेकअप या जिस लड़की को बहुत प्यार करता होगा पसंद करता था उसने उसे रिजेक्ट कर दिया एफआईआर अपने स्कूल में फेल हो गया हो या उसके परिवार में कोई बहुत बड़ा नुकसान और उसके कारण तनाव और एफआईआर डिप्रेशन लेकिन जब डिप्रेशन हो चुका है तो उसके लिए दवा की जरूरत पड़ेगी अप्पको बताए चालू हमारे दिमाग में कुछ न्यूट्रोनस्मिटर होते हैं ऐप ऐसे समझ सकते हैं कि एक केमिकल होता है शारीरिक मानसिक।

हमें मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करने की ज़रूरत है। मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य की तरह बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें हमारे मानसिक और भावनात्मक स्थिति को समझना शामिल होता है और इसका भी समय पर ध्यान रखना जरूरी है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, दिमागी दबाव, और भावनात्मक समस्याएँ बढ़ रही हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए बच्चों से लेकर वयस्क तक सभी को सही जानकारी, समर्थन और इलाज की आवश्यकता होती है। मानसिक स्वास्थ्य को अच्छे से समझकर उसमें सुधार करने के लिए संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ मिलकर काम करना जरूरी है ताकि हम सभी एक स्वस्थ और समृद्ध जीवन जी सकें।

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता माह | Mental Health Awareness Month:

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता माह के अवसर पर हम सभी को अपने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने और इसे संरक्षित रखने के लिए जागरूक होना चाहिए। इस माह में हमें मानसिक स्वास्थ्य सम्बंधित जानकारी, समस्याओं के लक्षण और इलाज के विषय में अधिक जागरूक बनना चाहिए। तनाव, तनाव से निपटने के तरीके, ध्यान, योग, और अन्य संतुलन बनाने वाले एक्टिविटीज को समझना और अपने जीवन में उन्हें शामिल करने का प्रयास करना जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता माह के दौरान हमें दूसरों के साथ सम्मेलन करके इसे प्रोत्साहित करना भी महत्वपूर्ण है। हम सभी मिलकर समाज में मानसिक स्वास्थ्य को समर्थन और संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी परिवर्तन ला सकते हैं।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस | World Mental Health Day:

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस विश्वभर में हर साल 10 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह एक विशेष दिन है जिसका मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को जागृत करना, संबोधित करना, और इसे समर्थन करना होता है। इस दिन को मनाकर हम समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाते हैं और इसे प्रोत्साहन करते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य, एक व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण पहलू है। यह हमारे सोचने, भावनाओं, और व्यवहार को प्रभावित करता है। एक स्वस्थ मानसिक स्वास्थ्य वाला व्यक्ति सकारात्मक और समृद्ध जीवन जीने के लिए सक्षम होता है और समाज में अधिकतर समस्याओं का सामना कर सकता है।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर अनेक संगठन, सरकारी अधिकारी, नेता, वैज्ञानिक, चिकित्सा विशेषज्ञ, और समाजसेवी आत्मीयों के सहयोग से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर चर्चा होती है, जैसे अवसाद, तनाव, मानसिक रोगों के लक्षण और उपचार, सामाजिक तनाव का प्रबंधन, और ध्यान आदि।

इस दिन को मनाने से लोग विभिन्न जगहों पर सेमिनार, कार्यशाला, रैली, और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जागरूकता जनआंदोलन आयोजित करते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक इन कार्यक्रमों में शामिल होते हैं ताकि वे लोगों को उचित मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान कर सकें।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस को ध्यान में रखते हुए सरकारें भी मानसिक स्वास्थ्य को समर्थन करने के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम शुरू करती हैं। यह दिवस लोगों को समझाता है कि वे खुले मन से अपनी मानसिक समस्याओं का सामना करें और उन्हें जीत के साथ पार करें।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के दिन लोगों को यह संदेश देना भी महत्वपूर्ण है कि वे अपने साथी, परिवार और समाज के सभी लोगों की मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें और सहायता प्रदान करें। एक समर्थ मानसिक स्वास्थ्य संसाधित और सफल जीवन के लिए आवश्यक है, और विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हमें इस उद्देश्य को प्राप्त करने में मदद करता है।

मानसिक स्वास्थ्य संसाधन | Mental Health Resources:

मानसिक स्वास्थ्य को समर्थन करने के लिए विभिन्न प्रकार के संसाधन उपलब्ध होते हैं जो व्यक्तियों को अपनी मानसिक तंगदस्ती और समस्याओं का सामना करने में मदद करते हैं। ये संसाधन जीवन के विभिन्न पहलुओं में मानसिक स्वास्थ्य को समर्थन करते हैं, जैसे कि सामाजिक समरसता, समर्थन समुदाय, और चिकित्सा सेवाएं।

  • मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम: इसके अंतर्गत संगठन और सरकार विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हैं जिनमें लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूक किया जाता है और शारीरिक मानसिक उन्हें इससे जुड़े समस्याओं का सामना करने के तरीके सिखाए जाते हैं।
  • चिकित्सा सेवाएं: मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होती हैं। यह इलाज अनुसंधान और उपचार के लिए चिकित्सकों, मनोचिकित्सकों, और परामर्शदाताओं के सहायता से किया जाता है।
  • हेल्पलाइन और योगदान: मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करने के लिए लोगों को अलग-अलग हेल्पलाइन और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन सेवाएं प्रदान की जाती हैं। ये सेवाएं उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन करती हैं और उनके समस्याओं का समाधान करने में मदद करती हैं।
  • मानसिक स्वास्थ्य केयर सेंटर: इसे भी मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल के नाम से जाना जाता है। ये संस्थाएं लोगों को गंभीर मानसिक समस्याओं के इलाज और समर्थन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्टाफ की सेवा प्रदान करती हैं।
  • समर्थन समुदाय: लोगों को मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ समर्थन और सहायता प्रदान करने के लिए विशेष समुदाय भी होते हैं। इन समुदायों में लोग अपने अनुभवों को साझा करते हैं और एक-दूसरे का सामर्थ्य और साथीत्व स्वीकार करते हैं।

FAQ on शारीरिक मानसिक:

मानसिक स्वास्थ्य क्या है?

मानसिक स्वास्थ्य एक व्यक्ति के मानसिक, भावनात्मक, और सामाजिक तंत्र का स्थिति है। यह हमारे विचारों, भावनाओं, और व्यवहार पर असर डालता है। सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य वाले व्यक्ति अपने जीवन में संतुष्ट और समृद्ध होते हैं और समस्याओं का सामना करने में सक्षम होते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य के लक्षण क्या होते हैं?

मानसिक स्वास्थ्य के लक्षण व्यक्ति के विभिन्न पहलुओं में प्रकट हो सकते हैं। ये लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • नींद की कमी या ज्यादा समस्या
  • उदासी, अवसाद या तनाव
  • अचानक वजन का बदलाव
  • खाने की रुचि में कमी या वृद्धि
  • अधिक चिंता या चिंता के मामले में बदलाव
  • एकाग्रता में कमी या ध्यान नहीं रहना
  • खुद को अलग कर लेना या सामाजिक संबंधों से दूर हो जाना 

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